रविवार को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक नागरिक मार्च निकालने का फैसला
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर। एसआईआर का विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अडिग ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में किया जा रहा मार्च रविवार दोपहर तीन बजे इंडिया गेट से शुरू होगा और जंतर-मंतर की ओर जाएगा। इसे नागरिक मार्च का नाम दिया गया है।
इससे पहले कॉकरोज जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के समर्थन से हो रहे प्रदर्शन द्वारा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अडिग प्रदर्शनकारियों ने अब नई-नई तरकीब ढूंढना शुरू कर दिया है। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कपिल सिब्बल आईसा की नेहा बोरा एक साथ हाथ पकड़ कर प्रदर्शन में शामिल हुए लेकिन पुलिस ने पहले से ही ऐसा बंदोबस्त कर रखा है कि मंडी हाउस के आगे किसी को जाने की इजाजत ही नहीं है। हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि बड़े राजनीतिक दलों के घरों पर पुलिस वाले बहुतायत में तैनात हैं और उन्हें एक तरह से नजरबंद कर बाहर निकलने से भी मना कर रहे हैं जबकि जंतर मंतर के आसपास इतने पुलिस वाले तैनात हैं जितने प्रदर्शनकारी भी नहीं दिख रहे। इससे यह अंदाजा लगाया सकता है कि इस बार सरकार ने कितनी मुस्तैदी से इस प्रदर्शनकारियों से निपटाने की योजना बनाई है।
पुलिस ने पहले ही यह घोषणा कर दी है कि जंतर मंतर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 163 के प्रावधानों को प्रभावी कर दिया गया है। हालांकि यह आदेश 23 अगस्त से लागू हो चुका है और 60 दिनों यानी 21 अक्टूबर तक पूरे क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।


