हरिद्वार, 27 सितंबर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश रावत जी का राजनीति से मन नहीं भरा है। ढ़लती उम्र में भले ही कुछ महीने पूर्व वे खुद को विधानसभा चुनाव से दूर रहने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन उनका मन एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने के लिए कुलाचे मार रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (हरदा) ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट जारी कर अपनी हसरत का खुलासा किया है। उन्होने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ हरिद्वार से उनका रोमांस भी बढ़ रहा है।
रावत ने वर्ष 2009 से 2014 तक हरिद्वार का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने इस अवधि को अपने जीवन का स्वर्णिम काल बताया। उनके अनुसार, मतदाता और प्रतिनिधि के रूप में वे एक-दूसरे में घुल-मिल गए थे। सैकड़ों घरों से उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक रिश्ते बने, जो आज भी कायम हैं।
हजारों भाई-बहनों से प्रेम और सौहार्द के रिश्ते भी जारी हैं। उनके मन में एक बार फिर हरिद्वार की विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने की इच्छा है। वह हरिद्वार को उत्तराखंड का संबल और स्तंभ बनाना चाहते हैं। हरीश रावत ने बताया कि उनके मन में हरिद्वार के लिए बहुत सारी सोच और योजनाएं हैं। सोलानी के इस पार के लोग भी उन्हें हरिद्वार से विधानसभा में भेजना चाहते हैं। हालांकि, राज्य और पार्टी के आंतरिक सवालों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपनी यह भावना दबानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि वह हरिद्वार से एक सुदृढ़ और समन्वयकारी नेतृत्व विधानसभा में पहुंचाने का प्रयास करेंगे। रावत ने यह भी कहा कि जब तक उनमें सांस है, वह अल्मोड़ा को ध्यान में रखकर हरिद्वार की सेवा करते रहेंगे।
उन्होंने भाजपा पर छल-कपट से राजनीति में आगे बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, भाजपा के पास न विकास का एजेंडा है और न ही महंगाई पर नियंत्रण। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जनता भाजपा का असली मुखौटा देख चुकी है और आगामी चुनाव में उसे उखाड़ फेंकेगी। रावत ने यह भी घोषणा की कि 26 सितंबर को सैन्य धाम में 101 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इस अवसर पर मनीष नागपाल, लाल चंद शर्मा, गरिमा मेहरा दसौनी आदि मौजूद रहे।



