उत्तराखंड को लूट रही है धामी सरकार – स्वामी आनंद स्वरूप

देहरादून, 4 अक्टूबर 26। उत्तराखंड की धामी सरकार लोगों के साथ छल कर रही है। भाजपा आलाकमान के साथ मिलकर लोगों को लूट रही है। उत्तराखंड में गुजरात के लोगों का आधिपत्य हो रहा है। अगर इस बार हम नहीं चेते तो वह दिन दूर नहीं जब उत्तराखंड को भी गुजरात के किसी व्यापारी के हाथों सौंप दी जाएगी। इस हालत में एक ही विकल्प है कि सभी विपक्षी पार्टियों को मिलकर एक डेमोक्रेटिक एलायंस बनाया जाए और फिर भाजपा और कांग्रेस को यहां से विदा किया जाए। यह बात शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने रविवार को देहरादून के रायपुर में उत्तराखंड डेमोक्रेटिक अलायंस नामक कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता कही।
उत्तराखंड मांगे सशक्त विकल्प, समागम एवं मंथन नामक इस कार्यक्रम में सभी क्षेत्रीय राजनीतिक दलों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के आयोजक थे उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलायंस के संयोजक आशुतोष नेगी।

इस मौके पर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के राजेंद्र प्रसाद भट्ट, समीर सेमवाल, त्रिभुवन चौहान, शिव प्रसाद सेमवाल, उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलायंस की सेना में रही पूर्व मेजर संतोष भंडारी, रेखा नेगी, यूनिवाल जी, पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक विशाल शर्मा, भूतपूर्व सैनिक और आरक्षण विरोधी पार्टी के दीपक गौड़, समानता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं सहित अनेक लोगों ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
शाम्भवी पीठाधीश्वर का ऐलान
हरिद्वार के शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने ऐलान किया कि इस बार भाजपा और कांग्रेस को उत्तराखंड से भगा देना है। उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलायंस के बैनर तले जिस प्रकार से सैंकड़ों राजनीतिक दल आज देहरादून में एकत्र हुए हैं उससे यह साफ पता चलता है कि अब उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस की खैर नहीं है।
आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में समस्याओं का अंबार है। मुगलों के बाद जितना हमला भारत में हिंदुओं को बर्बाद करने के लिए इस भाजपा सरकार ने किया है उसी की बर्बादी का उदाहरण उत्तराखंड भी है।
स्वामी आनंद स्वरूप ने उठाया मुद्दा
उन्होंने कहा कि यहां के पहाड़ को बेचा जा रहा है। गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग सालों से लंबित है। आरक्षण के नाम पर एसटी एससी और ओबीसी का मायाजाल हमारे ऊपर थोपा जा रहा है। धर्म की रक्षा करना भी अब राजनीति से ही संभव है। मेरा मानना है उत्तराखंड में सभी राजनीतिक दलों को एकत्र होकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करना चाहिए। यह लड़ाई सामान्य नहीं है। यह लड़ाई उत्तराखंड को बचाने की है। उत्तराखंड को धोखा देने वाली पार्टियों को यहां से फेंकना पड़ेगा, और इसके लिए छोटे-छोटे गठबंधन करने की योजना नहीं बल्कि एक तीसरे विकल्प के रूप में हमें सामने आना होगा। जब तक हम लोग ‘जय उत्तराखंड जय उत्तराखंडी” का नारा नहीं देंगे तब तक हम बचने वाले नहीं हैं।
दिल्ली के जंतर मंतर और रामलीला मैदान में 8 मार्च के बाद की रैली के बाद जिस तरह केंद्र सरकार ने हमारे ऊपर हमला किया उसका जवाब हमें उत्तराखंड में इस सरकार को उखाड़ कर देना पड़ेगा।

एलायंस बनाने की तैयारी
उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे बड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। एक ऐसा एलाइंस बनाना पड़ेगा जिसमें मोहन भागवत के अमेरिका में इस्लाम को मजबूत करने की बात का विरोध करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जातिगत आरक्षण और स्वर्ण को जातिगत आरक्षण के नाम पर बांटने की राजनीति को समाप्त करना होगा। उन्होंने कहा पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का चपरासी भी आज करोड़पति बन गया है और उत्तराखंड की धामी सरकार अपने परिवार के साथ यहां के लोगों को लूट रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों को एकत्र होना होगा और उत्तराखंड को बचाने के लिए एक सशक्त विकल्प तैयार करना होगा। इसके लिए सभी क्षेत्रीय ताकतवर राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों को एक होने की उन्होंने अपील की।


